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पिछले जन्म में सु परिवार की बड़ी बेटी सु युझेंग ने रेशमी गेंद फेंककर वर चुना था, लेकिन लान किंगश्यू ने छठे राजकुमार का भेष धारण करके गेंद पकड़ ली। विवाह की रात उन्हें जाल में फँसाया गया, उनकी प्रतिष्ठा धूमिल हुई और वे दस साल तक मठ में रहीं। दस साल बाद उन्होंने अपने शत्रु को पहचान लिया और बदले की आग में सब कुछ समेट दिया। आँख खुलते ही सु युझेंग वर-चयन से एक दिन पहले लौट आई हैं। उनके भाई, जो दाली सी के न्यायाधीश हैं, उनसे एक फरार अपराधी का चित्र बनाने को कहते हैं, और उनकी कूची से निकलती है लान किंगश्यू का असली चेहरा। क्या इस बार भाग्य बदल पाएगा?
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एपिसोड 1–30