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![[S2] कौन कहता है बिना आत्मा-जड़ के साधना संभव नहीं? निर्मूल सिद्धि का मार्ग](https://d2njqsqiotdc3c.cloudfront.net/series/d029b33f-1200-4b20-b04b-98d05afc8faa/cover_f92a1b2d.webp?Expires=1792601173&Key-Pair-Id=KBRO7UQ1EQP05&Signature=RA1qbfylyqQZW1mJ~gbiqMRa-4o6cLbtYcRkLo1ePsLGu6tH71EiaHl6UIxf6uYusRcAEO4J2l75CSzk72CBjpQvhYoJL2REoz2ir4F4S7cFGO1AgQygw0phkA1ykW8a9Q0u--1nLg59lx6eF5d-UuBxPTd-EheyWBglmYUp5N5fnZ6OygJefLpzxFpmlx23XTQBOWAsVHAmZXdlQqX3Vwimg~W8mETSSjq5wKGVGHRwMzqseJusP5dWiSvOccXskD5RhdMe47tl8A7OHy9ju~yCd7UCNhRNQwPVQFmtDgQnvaBVZH~5gh3LCC64JRHKjFDItdOzc5KdyixSZldxZw__)
बर्बर जगत में आत्मा-जड़ ही सब कुछ है। जिसके पास यह नहीं, वह जीवन भर दिव्य पथ से वंचित रहता है। हान फ़ान, लियूली तलवार संप्रदाय का सबसे निचला नौकर, उसके पास न आत्मा-जड़ है, न कोई पहचान—एक भरा हुआ खाना भी उसके लिए सपना बन गया है। उसे लगा कि वह कीचड़ में ही मरेगा, लेकिन एक दिन पहाड़ पर बाँस काटते समय उसे एक जंग भरी टूटी तलवार मिली, जिसका नाम था 'फ़ु शियान'। उस दिन से उसके जीवन ने मोड़ बदल लिया। तलवार चलाकर बाँस काटा तो प्राण ऊर्जा शरीर में प्रवेश कर गई, पत्थर काटा तो शरीर और भी मजबूत हो गया, दुश्मनों पर वार किया तो साधना तेजी से बढ़ने लगी! तुम्हारे पास स्वर्गीय आत्मा-जड़ है और तुम एक दिन में हजारों मील की दूरी तय करते हो? माफ़ करना, तुम पर एक वार करने से मेरी साधना तुमसे भी तेज़ी से बढ़ती है।
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एपिसोड 1–30