लोड हो रहा है...

शेन वान अचानक एक उपन्यास में पहुँचकर राजधानी की सबसे बड़ी खलनायिका बन जाती है। घर से निकलते ही उसे कोई आदमी नहीं मिला, बल्कि एक नन्हा-सा प्यारा राजकुमार मिल गया। मगर किसे पता था कि इस नन्हे राजकुमार के पिता कोई और नहीं, बल्कि दरबार के महामंत्री फू यान हैं, जिन्हें लोग बिना पलक झपकाए मार डालने वाला यमराज कहते हैं! अपनी जान बचाने के लिए शेन वान मजबूरन महामंत्री के महल में रहने लगती है। बच्चे को संभालना, तीरंदाजी, घुड़सवारी, इलाज—हर काम में माहिर वह शांत और भयावह महामंत्री के महल में खूब हलचल मचा देती है। धीरे-धीरे उसे एहसास होता है कि नन्हा राजकुमार तो रोज़ उसे माँ कहता ही है, मगर उसके पिता की नज़रों में भी अब कुछ और ही बात होने लगी है!
आपका अगला अध्याय
एपिसोड 1–30